एक्सक्लूसिव : इन दिनों मेरी और कटरीना की बॉन्डिंग बहुत अच्छी हो रही है।

अलिया भट्ट ने अपने आपको बेहतरीन अभिनेत्रीयों की लिस्ट में शामिल कर लिया है। वो पूरी एनर्जी और उत्तेजित तरीके से अपनी फिल्म करती हैं। यहाँ तक की फिल्म के प्रमोशन्स में भी उनकी एनर्जी का पारा चढ़ा हुआ होता है। वो बहुत जल्दी से निर्णय ले लेती है, और तुरंत अपने काम पर लग जाती है। और वैसे भी सब कहतें हैं की आलिया में वो सब कुछ है जो एक सुपरस्टार में होना चहिये। अब वो भले ही नाज़ुक सी सुन्दर सी गुड़िया जैसा रोल हो या फिर नो मेकअप और वजनदार रोल, अलिया सभी किरदार को बखूबी से निभाती है। "शानदार" के प्रमोशन्स के दौरान भी अलिया दिखी एनर्जी से भरपूर। 

"शानदार" के रिलीज़ के कारण शायद आप थक गईं हैं...

प्रमोशन्स के कारन कोई भी थक जाएगा, पर मैं इन सब चीज़ो में बेहद एनर्जेटिक रहतीं हूँ। मैं हमेशा से ही ऐसी हूँ। दिन के अंत में मै हमेशा सोचती हूँ की मै मेरे पिता (फिल्ममेकर महेश भट्ट) बेटी हूँ। मै हमेशा एक्टिव रहना चाहती हूँ, और हर वो काम करना चाहती हूँ जो मुझे पसंद हैं। स्कूल में भी मै अपने रिपोर्ट कार्ड पर आए मार्क्स पर बिलकुल ध्यान नहीं देती थी, मगर एनुअल डे, स्पोर्ट्स या क्रिएटिविटी पर मेरा पूरा ध्यान रहता था। 

आपके को-स्टार शाहिद कपूर ने फिल्म प्रमोशन्स के दौरान कई बार आपको "बच्चा" कहा है, क्या कभी आपने उनसे कहा की आप उनकी फिल्म्स देख देख कर बड़ी हुईं हैं?

बेशक, मैंने उनसे ये कहा है, मगर बार बार नहीं क्युकी फिर वो मुझ पर ये आरोप लगाएंगे की मैं उन्हें ओल्ड कह रहीं हूँ। 

पर वो तो आपको बच्चा कह रहें हैं...

हाँ वो तो है, मगर मै उन्हें ओल्ड नहीं कह सकती क्यूनी वो ओल्ड है ही नहीं।  उनकी पहली फिल्म "इश्क़ विश्क" से, मैंने हमेशा से ही उनके काम को सराहा है। वो थिएटर भी गए थे दर्शको के रिएक्शन जानने के लिए। मैं उनसे पहली बार मिली थी फरहान अख्तर की गृह प्रवेश की पार्टी में। तब मै बिलकुल नई थी, और किसीको नहीं जानती थी। पर तब मै शाहिद से मिली और वो बहुत ही नम्रता से सबसे बाते कर रहें थे। 

अनिद्रा की जो थीम है वो इस फिल्म की जैसे बैकबोन है, तो क्या रियल ज़िन्दगी में आपको भी अनिद्रा की शिकायत है?

नहीं मैं बहुत सोती हूँ, सोने के मामले में तो मै बिलकुल बिल्ली की तरह हूँ। अगर मुझे सोने दिया जाए तो मैं १४ घंटो तक सो सकती हूँ, पर मुझे इसकी इजाज़त नहीं है क्यूंकि मुझे बहुत सारे काम करने होते हैं। तो मै सात या आठ घंटे ही सो पाती हूँ।मेरे पास कोई और ऑप्शन नहीं है, मुझे जल्दी उठना पड़ता है और मैं जल्दी उठ भी जाती हूँ।  

फिल्म की थीम के बारे में हमें और बताइये...

पहली बार आप देखेंगे की दो लोग जिन्हे नींद ना आने की बीमारी है और दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं। और सबसे दिलचस्प बात ये है की हमारी रात, दिन बन जाती है, हमारा चाँद, सूरज बन जाता है। रात शांत हो जाती है और हमारे लिए वो खेलने के लिए एक अच्छा खासा मैदान बन जाती है। फिल्म के दो अहम किरदार रात को मिलते है और आगे क्या करते है वो हम नहीं जानते। 

फिल्म के सबसे ज्यादा यादगार पल क्या थे? 

जब हमे माइनस ५ डिग्री में रात को झरने के निचे सीन करना था। बात ये नहीं थी की मुझे गीले कपडे पहनने थे पर परेशानी ये थी की वो कपडे बेहद पतले थे, शाहिद तो सिर्फ गंजी और पैंट्स में थे। हम कांप रहें थे। बिकनी शॉट के दौरान तो मैं बिलकुल नीली पद गई थी, ऐसा नहीं है की मैं बिकनी में कम्फर्टेबल नहीं थी बस ठण्ड की वजह से मुझे परेशानी झेलनी पड़ी। 

सुना है आपके कैरेक्टर का नाम भी आलिया है…

हाँ मेरे केरेक्टर का नाम आलिया है, जो हमेशा कुछ न कुछ सोचती रहती है, उसके दिमाग में हर वक़्त कुछ न कुछ चलता रहता है। वो थोड़ी अलग है क्युकी उसे नींद न आने की बीमारी है। मगर रात को जागते समय वो बहुत कुछ पढ़ती है, उसका सामान्य घ्यान बहुत शक्तिशाली है। जैसे की वो किसी भी प्लास्टिक कप के बारे  बहुत कुछ जानती है जो की आम लोग नहीं जानते। उसके कपडे पहनने के तरीक भी अजीब है, वो साड़ी पर बूट्स पहनती हैं। वो बहुत स्वीट, खुश मिजाज़ और सिंपल है पर अपनी ही दुनिया में रहती है। अपनी दुनिया में मई भी रहती हु और "शानदार" की अलिया भी। 

क्या कभी आपको ऐसा लगता है की आपके पास को-स्टार चुनने का ऑप्शन बहुत कम है?

ये सब केरेक्टर पर डिपेंड करता है, बात ये नहीं है की अलग अलग हीरो के साथ काम करना, जरुरी है की कौनसा हीरो किस केरेक्टर को सूट होता है। अभी और भी नए कलाकार आ गए है जैसे सूरज पंचोली और टाइगर श्रॉफ, बहुत अच्छे एक्टर्स है। मै शाहरुख़ खान के साथ भी काम कर रही हूँ, मैंने रणदीप के साथ भी काम किया है। और फिर वरुण, रणवीर, रणबीर और सिद्धार्थ भी तो हैं। मैं सलमान, आमिर  और हाँ, ह्रितिक संग भी काम करना चाहती हूँ। 

आप जल्द ही शाहरुख़ खान के साथ काम करने जा रहीं हैं, कोई बात जो उनकी आपको याद है?

बहुत साल पहले मेरे पापा मुझे उनके घर लेकर गए थे, हमारे साथ कुछ रिश्तेदार भी थे जो की पाकिस्तान से आए हुए थे और शाहरुख़ खान से मिलना चाहते थे। मुझे अच्छी तरह याद है की उन्होंने हमें बहुत सारे सैंडविचेस और कोका कोला दी थी, और मैंने कुछ १५ सैंडविचेस खा लिए थे क्यूंकि मैं शाहरुख़ से नज़र हटा ही नहीं प् रही थी। 

क्या १०० करोड़, २०० करोड़ आपको परेशानी देते है? क्या आपको लगता है की ये आपके सक्सेस  लिए ये महत्वपूर्ण है?

मेरे लिए मायने रखता है की मेरी फिल्म १०० करोड़ लोगो के दिलो तक पोहंचे, वही मेरे लिए सबसे बड़ी सक्सेस है।   

अब आप किस डायरेक्टर के साथ काम करना चाहतीं है?

मैं ज़ोया अख्तर और राजू हिरानी के साथ काम करना चाहती हूँ।  और जिनके साथ मैं पहले काम कर चुकी हूँ उनके साथ नही दोबारा काम करना चाहती हूँ जैसे, अभिषेक वर्मन। फिल्म "२ स्टेट्स" में उनके साथ काम करके मुझे बहुत मज़ा आया था। मुझे आयान मुख़र्जी के संग भी काम करना है जो की मई अगले साल करुँगी। गौरी शिंदे के संग भी काम करना चाहती हूँ,  और वो भी मैं कर ही रही हूँ।

आगे कैसे बढ़ेगी? आपने कुछ प्लान किया की आप साल में इतनी फिल्म करेंगी?

मैं कुछ भी प्लान नहीं कर रही, मुझे एक साथ ज्यादा फिल्मे भी नहीं करनी हैं। मेरे लिए अच्छा होगा की मै वही करूँ या उतना ही करू जितना मैं कर सकती हूँ। कभी आपके पास बिलकुल भी समय नहीं होता और कभी आप फिल्मे करते हो बस काम पाने के लिए, मुझे ये नहीं करना। मैं ठीक हु अगर इस साल मेरी सिर्फ एक फिल्म आ रही हैं और अगले साल तीन। इसका मैं कुछ नहीं कर सकतीं ये सब प्रोडूसर्स पर डिपेंड करता है। 

तो जबसे आप एक अभिनेत्री बनी है, ज़िन्दगी कितनी बदल गई है?

मैं कोई ड्रामा स्कूल नहीं गई, और न ही मैंने एक्टिंग सीखी है तो ये मेरे लिए बहुत ही नया था। मैंने आज तक जो भी सीखा है वो अपने अनुभव से सीखा है हाँ जिनके साथ मैंने काम किया उन्होंने भी मुझे बहुत कुछ सिखाया है अब वो भले ही गुरु कहे जाने वाले करन जोहर हों या मेरे को-स्टार्स या फिर मेकअप आर्टिस्ट या मनीष मल्होत्रा सभी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। मई बदली नहीं हु, वैसी  हूँ आगे जरूर बढ़ गई हूँ। सबसे ख़ास बात ये है की अब मैं खुद को समझने लगी हूँ। मैं हर समय लोगो से घिरी रहती हु, उनसे बात करती रहती हूँ। एक समय था जब मुझे लोगो से घिरा रहना पसंद था, पर अब मई खुद के साथ रहना चाहती हूँ, अकेले। शायद ये इशारा है की अब मै बड़ी हो गई हूँ। 

इंडस्ट्री में आपके दोस्त कौन हैं? 

ओह, कुछ दोस्त हैं, जैसे अायान मुख़र्जी और अभिषेक वर्मन, विकास बहल, शाहिद। और वरुण और सिद्धार्थ के साथ तो मेरा स्पेशल कनेक्शन है। इम्तियाज़ अली भी मेरे अच्छे दोस्त हैं। और लड़कियों में फिलहाल मेरी बॉन्डिंग कटरीना से बढ़ रही है। हम एक दूसरे को बहुत पसंद करते हैं। हम एक ही जीम में जाते है और आयान मुख़र्जी की वजह से वो मेरे फ्रेंड लिस्ट में शामिल हो गई हैं।  मैं बहुत  बातूनी हूँ,  शायद ये नई पीढ़ी एक दूसरे से बहुत जल्दी जेल अप हो जाते हैं। जैसे हाल ही में श्रद्धा ने मुझे मैसेज किया की उन्हें "गुलाबो" गाना बहुत  पसंद आया। मैंने भी जब स्लिम ट्रिम परिनीति को मैगज़ीन कवर पर देखा तो मैंने भी उन्हें मेसेज किया। हम सभी एक दूसरे को बहुत सपोर्ट करते हैं। हम सब अपना अपना काम करते है और वो भी बहुत अच्छे तरीक़े से। 

सिधार्थ के साथ आपकी डेटिंग की ख़बरें आए दिन आती रहती है , क्या आप डीनो सच में डेट कर रहें है? अगर दो इंसान एक दूसरे को डेट कर रहे है तो इस बात को मानने में क्या हर्ज है? 

क्यूँकि हम एक दूसरे को डेट नहीं कर रहे, सिधार्थ बहुत सीरीयस होके " बार बार देखो" के liye काम कर रहें हैं और मई बहुत सीरीयस होके "शानदार" के लिए काम कर रही हूँ। बस।

अब आगे कौन कौन सी फ़िल्मे करने वाली है ?

अभिषेक चौबे की "उड़ता पंजाब" ( शाहिद और करीना के साथ) शकुन बत्रा की "कपूर एंड सनस" ( सिधार्थ और फ़वाद  के साथ) आयान मुखर्जी की फ़िल्म रणबीर कपूर के साथ और गौरी शिंदे की फ़िल्म शाहरुख़ खान के साथ और मैं इन सभी फ़िल्मी को लेकर बहुत उत्तेजित हूँ। 

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