एक राकेट से 104 सैटेलाइट भेजकर इसरो ने दर्ज की उपलब्धि! जाने इस मिशन की 10 ख़ास बातें! | PINKVILLA


एक राकेट से 104 सैटेलाइट भेजकर इसरो ने दर्ज की उपलब्धि! जाने इस मिशन की 10 ख़ास बातें!

आज भारत के लिए एक उब्लाब्धि का दिन है| आंध्र प्रदेश में स्थित भारतीय अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने अपने हिस्से में एक और कामयाबी दर्ज कर ली| इसरो ने एक ही राकेट पीएसएलवी-सी37 के जरिये एक साथ 104 सैटेलाइट भेजकर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है| 

इसरो ने आज सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर श्रीहरीकोटा स्पेस सेंटर से पोलार सैटेलाइट लांच वेहिकल (पीएसएलवी-सी37) के ज़रिए इन 104 उपग्रहों को अन्तरिक्ष में भेजा गया| 

इसरो की इस उब्लाब्धि पर अपने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इसरो को अपनी तरफ से उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए लिखा  "Congratulations to @isro for the successful launch of PSLV-C37 and CARTOSAT satellite together with 103 nano satellites! This remarkable feat by @isro is yet another proud moment for our space scientific community and the nation. India salutes our scientists. Spoke to the Secretary, Department of Space and congratulated him & the entire team of scientists on today's exceptional achievement."

(इसरो को पीएसएलवी-सी37 और कार्टोसैट-2 के 103 उपग्रहों के सफलतापूर्वक लांच पर इसरो को बधाई| इसरो की ये उपलब्धि हमारे अन्तरिक्ष  वैज्ञानिक कम्यूनिटी और देश के लिए एक गर्व का पल है| भारत हमारे वैज्ञानिको को सलामी देता है| अन्तरिक्ष डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी से बात हुई, उनसे मिलकर उनके पूरे टीम को उनकी विशिष्ट उपलब्धि के लिए बधाई दी)

इस लांच की कुछ खास बातें:

1.भारत के लिए ये बहुत ही खास मिशन है जोकि अन्तरिक्ष में अपने देश की मौजुदगी दर्ज कराएगा| 

2. पूरा लांच 28 मिनट तक होगा| ये एक चार स्टेप वाला मिशन है| पहला उपग्रह 17 मिनट में जायेगा जोकि भारत के दो नैनो सैटेलाइट के द्वारा फॉलो किया जायेगा| इसके बाद में 96 उपग्रहों को उनके ओर्बिट्स में सेट किया जायेगा| 

3.अब तक इसरो ने पीएसएलवी-सी37 की मदद से 38 मिशन को पूरा किया गया है| इस बार 39वें मिशन को पूरा किया जाना है| 

4. एक अखबार के रिपोर्ट्स की मानें तो सबसे पहला उपग्रह जो सबसे पहले ऊपर गया वो कार्टोसैट-2 सिरीज़ था|  जोकि भारत का सबसे ज्यादा रेसोल्यूशन वाला उपग्रह है| इसकी मदद से भारत पकिस्तान और चाइना पर पंछी की नज़र बनाये रखता है| इस उपग्रह का वजन 714 किलोग्राम है|

5. इसरो के पास दो नैनो उपग्रह आईएनएस-1A और आईएनएस -1B हैं इसने अलावा 101 और नैनो उपग्रह को लांच किया जाना बाकी है| कुल मिलकर इन उपग्रह का वजह 664 किलोग्राम है|

6. भारत की तरफ से भेजे जा रहे इन उपग्रहों में दुसरे देश से उपग्रह भी शामिल हैं जिनमें 96 अमेरिका तथा इजराइल, कज़ाकिस्तान, नीदरलैंड, स्वीटजरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात की तरफ से एक-एक उपग्रह शामिल हैं|

7. इसरो के 39 लांच में सैन फ्रांसिस्को की एक कम्पनी की तरफ से 88 छोटे सैटेलाइट लांच किया गया|

8. इन सैटेलाइट्स का इस्तेमाल धरती की तसवीरें लेने के उपयोग में लाया जायेगा|

9. इसरो ने इस मिशन के लिए पीएलएसवी-37 इस्तेमाल किया है जिसका वजन 320 टन है और ऊंचाई 44.4 मीटर है| ये अबतक के मिशन का सबसे भारी पीएलएसवी है|

10. इतने भारी वजन वाले इस उपग्रह की लम्बाई 15 मंजिला ईमारत के जितनी है| 

 

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